POCSO(पॉक्सो अधिनियम)लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012

Subject area: Law and Legal Studies DOI: https://doi.org/10.5281/zenodo.23940160

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Abstract

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012) भारत में बच्चों को लैंगिक अपराधों, यौन उत्पीड़न तथा शोषण से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया एक महत्वपूर्ण विशेष कानून है। बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराध उनके शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक एवं सामाजिक विकास पर गंभीर प्रभाव डालते हैं। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना, अपराधियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना तथा पीड़ित बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना है।
प्रस्तुत अनुसंधान पत्र में POCSO अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, अपराधों के प्रकार, दंड व्यवस्था, विशेष न्यायालयों की भूमिका तथा पीड़ित बच्चों के संरक्षण से संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं का अध्ययन किया गया है। इस अनुसंधान में विधिक एवं वर्णनात्मक पद्धति का उपयोग करते हुए अधिनियम, संबंधित नियमों, न्यायिक निर्णयों तथा उपलब्ध आधिकारिक रिपोर्टों का अध्ययन किया गया है।
अध्ययन से यह समझने में सहायता मिलती है कि केवल कठोर दंड का प्रावधान पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों में जागरूकता, समय पर शिकायत, संवेदनशील पुलिस व्यवस्था, शीघ्र न्याय तथा पीड़ितों के पुनर्वास की भी आवश्यकता है। इस प्रकार POCSO अधिनियम बाल अधिकारों की रक्षा तथा बाल-सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Keywords

POCSO अधिनियम2012बाल अधिकारबाल संरक्षणलैंगिक अपराधबाल यौन शोषणविशेष न्यायालयबाल पीड़ितन्यायिक प्रक्रियापीड़ित पुनर्वासबाल न्याय एवं सुरक्षा

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Mamta Mukati, Mrs.Roshni pandey (2026). POCSO(पॉक्सो अधिनियम)लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012. International Innovations & Scholarly Trends Journal, 2(11), 41–47. https://doi.org/10.5281/zenodo.23940160

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