महिला सशक्तिकरण और तकनीकी समावेशन: उत्तराखण्ड की सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक चुनौतियों का अध्ययन

Subject area: Political Science and International Relations DOI: https://doi.org/10.5281/zenodo.23322392

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Abstract

यह अध्ययन उत्तराखण्ड की महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक स्थिति को बदलते परिप्रेक्ष्य में तकनीकी समावेशन के संदर्भ में विश्लेषित करता है। पारंपरिक समाज में महिलाओं की भूमिका सीमित रही है, परंतु डिजिटल युग ने शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और राजनीतिक भागीदारी में नए अवसर प्रदान किए हैं। स्पष्ट होता है कि तकनीकी संसाधनों तक पहुँच और डिजिटल साक्षरता महिलाओं के सशक्तिकरण में निर्णायक भूमिका निभा रही है। हालांकि, ग्रामीण-शहरी विभाजन, संसाधनों की कमी और सामाजिक-राजनीतिक बाधाएँ अभी भी बड़ी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। यह शोध नीतिगत सुधार, डिजिटल शिक्षा और सामुदायिक जागरूकता अभियानों की आवश्यकता पर बल देता है, ताकि उत्तराखण्ड की महिलाएँ तकनीकी युग में पूर्ण रूप से सशक्त हो सकें।

Keywords

महिला सशक्तिकरणतकनीकी समावेशनसामाजिक-आर्थिक चुनौतियाँराजनीतिक भागीदारीडिजिटल साक्षरता।

Cite this article

Dr. Dalip Singh (2026). महिला सशक्तिकरण और तकनीकी समावेशन: उत्तराखण्ड की सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक चुनौतियों का अध्ययन. International Innovations & Scholarly Trends Journal, 2(10), 104–112. https://doi.org/10.5281/zenodo.23322392

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