ग्रामीण पंचायती राज संस्थाओं में महिला नेतृत्व की सहभागिता के प्रति पुरुषों के व्यवहारों का समाजशास्त्रीय अध्ययन: हनुमानगढ़ जिला (राजस्थान) के विशेष संदर्भ में

Subject area: Sociology

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Abstract

ग्रामीण भारत में पंचायती राज संस्थाएँ स्थानीय लोकतंत्र को सशक्त बनाने का प्रमुख माध्यम हैं। महिलाओं के लिए संवैधानिक आरक्षण लागू होने के बाद पंचायतों में उनकी भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, किन्तु नेतृत्व की प्रभावशीलता केवल निर्वाचित होने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह सामाजिक स्वीकृति, पारिवारिक सहयोग तथा विशेष रूप से पुरुषों के व्यवहार से भी प्रभावित होती है। ग्रामीण समाज की पारंपरिक संरचना में पुरुषों की भूमिका निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में प्रमुख रही है, इसलिए महिला नेतृत्व के प्रति उनका दृष्टिकोण पंचायतों के कार्य निष्पादन पर प्रत्यक्ष प्रभाव डालता है।
प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की ग्रामीण पंचायती राज संस्थाओं में महिला नेतृत्व के प्रति पुरुषों के व्यवहार का समाजशास्त्रीय विश्लेषण करना है। अध्ययन में यह समझने का प्रयास किया गया है कि शिक्षा, आयु, जाति, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक संरचना तथा सामाजिक मान्यताएँ पुरुषों के व्यवहार को किस सीमा तक प्रभावित करती हैं। शोध में प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आँकड़ों का उपयोग किया गया है। प्राथमिक आँकड़े प्रश्नावली, साक्षात्कार तथा अवलोकन के माध्यम से एकत्र किए गए, जबकि द्वितीयक जानकारी पुस्तकों, शोध-पत्रों, सरकारी प्रतिवेदनों तथा संबंधित साहित्य से प्राप्त की गई।
अध्ययन से संकेत मिलता है कि जिन क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर अपेक्षाकृत अधिक है तथा महिलाओं की सार्वजनिक जीवन में भागीदारी को सामाजिक समर्थन प्राप्त है, वहाँ पुरुषों का दृष्टिकोण अधिक सहयोगात्मक पाया जाता है। इसके विपरीत, परंपरागत सामाजिक मान्यताओं वाले क्षेत्रों में महिला प्रतिनिधियों को निर्णय-निर्माण, प्रशासनिक कार्यों तथा सार्वजनिक नेतृत्व के निर्वहन में विभिन्न प्रकार की सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। अध्ययन यह भी इंगित करता है कि महिला नेतृत्व की प्रभावशीलता केवल संवैधानिक प्रावधानों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि समाज में लैंगिक समानता, पारस्परिक सम्मान और सहयोगात्मक व्यवहार की संस्कृति के विकास पर भी आधारित है। इसलिए महिला नेतृत्व को सुदृढ़ बनाने के लिए सामाजिक जागरूकता, क्षमता निर्माण तथा पुरुषों की सकारात्मक सहभागिता को प्रोत्साहित करना आवश्यक है।

Keywords

पंचायती राजमहिला नेतृत्वपुरुष व्यवहारग्रामीण समाजमहिला सशक्तिकरणसमाजशास्त्रहनुमानगढ़राजस्थान।

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डॉ. परविन्द्रजीत सिंह (2026). ग्रामीण पंचायती राज संस्थाओं में महिला नेतृत्व की सहभागिता के प्रति पुरुषों के व्यवहारों का समाजशास्त्रीय अध्ययन: हनुमानगढ़ जिला (राजस्थान) के विशेष संदर्भ में. International Innovations & Scholarly Trends Journal, 2(6), 3380–3387.

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