भारत में महिला अधिकार एवं महिला-केंद्रित कानून दुरुपयोग और उसके प्रभावों का समालोचनात्मक अध्ययन

Subject area: Law and Legal Studies

15 Views
11 PDF downloads
— Citations (soon)

Abstract

भारत में महिला अधिकारों और महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित कानूनों का उद्देश्य महिलाओं को समानता, गरिमा और सुरक्षा प्रदान करना है। घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, दहेज, संपत्ति अधिकार और कार्यस्थल सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में बनाए गए ये कानून महिलाओं को सशक्त बनाने और लैंगिक न्याय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हालाँकि, इन कानूनों के सकारात्मक प्रभावों के साथ-साथ कुछ मामलों में इनके दुरुपयोग की चिंताएँ भी सामने आई हैं, विशेषकर वैवाहिक और पारिवारिक विवादों में। न्यायालयों के अवलोकन और विभिन्न अध्ययनों से यह स्पष्ट होता है कि यद्यपि झूठे या बढ़ा-चढ़ाकर किए गए मामले अल्पसंख्यक हैं, फिर भी वे निर्दोष व्यक्तियों को मानसिक, सामाजिक और कानूनी प्रताड़ना का सामना करने के लिए बाध्य कर सकते हैं तथा न्यायिक प्रक्रिया पर अनावश्यक बोझ डालते हैं।
यह स्थिति इस बात की आवश्यकता को दर्शाती है कि महिलाओं की वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कानूनों के दुरुपयोग को रोका जाए। समाधान महिलाओं के अधिकारों को कमजोर करने में नहीं, बल्कि निष्पक्ष जाँच व्यवस्था, न्यायिक विवेक, कानूनी जागरूकता और जवाबदेही को मजबूत करने में निहित है। प्रभावी क्रियान्वयन और संतुलित दृष्टिकोण के माध्यम से ही महिला संरक्षण कानून अपने मूल उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा कर सकते हैं।

Keywords

महिला अधिकारमहिला संरक्षण कानूनलैंगिक समानताघरेलू हिंसायौन उत्पीड़नदहेज निषेधवैवाहिक विवादकानून का दुरुपयोगन्यायिक विवेकविधिक सुधारलैंगिक न्यायसामाजिक जागरूकता

Cite this article

डॉ. मणि शंकर लाल द्विवेदी (2026). भारत में महिला अधिकार एवं महिला-केंद्रित कानून दुरुपयोग और उसके प्रभावों का समालोचनात्मक अध्ययन. International Innovations & Scholarly Trends Journal, 2(6), 3388–3399.

Share

Copyright & License

© 2026 — Authors retain the copyright of this article. This is an open access article distributed under the Creative Commons Attribution License (CC BY 4.0) , which permits unrestricted use, distribution, and reproduction in any medium, provided the original work is properly cited.